08/05/2021
best course after 12th

Best course after 12th – MASS COMMUNICATION

Intro part:

मास कम्यूनिकेशन बड़ी संख्या में लोगों के बीच सूचनाओं को फैलाने और जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। मास मीडिया आजकल सबसे growing industry में से एक है। इसमें नाम और fame सबसे ज्यादा देखा जाता है। सरल शब्दों में, जन संचार एक माध्यम से बड़ी और विविध श्रोताओं तक सूचना प्रसारित करने की प्रक्रिया है। यह सार्वजनिक संचार का एक रूप है, जहां संदेश / सूचना इलेक्ट्रॉनिक या यांत्रिक रूप से प्रसारित की जाती है।

हमारे दिन-प्रतिदिन के जीवन में, हम टीवी कार्यक्रम, रेडियो टॉक शो, मूवी आदि देखने का आनंद लेते हैं। हम में से कई समाचार पत्रों के माध्यम से जाते हैं, समाचार चैनल देखते हैं और इंटरनेट संस्थाओं पर समाचार पढ़ते हैं। ये सभी मास मीडिया के रूप हैं। मीडिया आज की डेट में सबसे तेज growing और job oriented industry है। पहले सिर्फ दूरदर्शन होता था लेकिन अभी 50 चैनल से ज्यादा है साथ ही आज इंटरनेट की वजह से Netflix, amazon prime, hotstar etc. web series की फील्ड आ गयी है। इन सबसे मीडिया एकदम boom पे है अभी। 50 से ज्यादा रेडियो चैनल है -इसका मतलब लाखो किस्म की jobs है।  

ऐसी industry में घुसना हमेशा फायदेमंद होता है जो की latest हो -जो की growing industry हो।

Featuring On Radio is an exciting career opportunity after pursuing Mass Communication
Featuring On Radio is an exciting career opportunity after Mass Comm.

Mass Communication में 5 तरीके के area में अपना करियर बना सकते हैं-

1. Television

2. Radio

3. Newspaper

4. Film

5. Digital

Mass का मतलब ही है आप मास(बहुत ज्यादा लोगो ) से communicate करते हैं। ये सारा प्रोजेक्ट ओरिएंटेड होता है जो की बहुत interesting होता है।

जैसे-  टीवी के लिए जब आप काम करते हैं तो मीडिया के अंदर कोर्स में आप सीखते है, ENG(electronic news gathering) बनाते हैं, documentary बनाते हैं, news reading, anchoring, reporter बड़े अलग-अलग प्रोजेक्ट पे काम करते हैं।

फ़ोटोग्राफ़ी की रिपोर्टिंग से लेकर फ़िल्म निर्माण और लेखन तक, जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन उन विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रस्तुत करता है, जो न केवल आपको कभी-विस्तार क्षेत्र में विविधता का पता लगाने की अनुमति देगा, बल्कि आपको पाठ्यक्रम को समझने में मदद करेगा – सैद्धांतिक और व्यावहारिक रूप से । कभी आपने सोचा है कि टेलीविजन पर क्रिकेट मैच देखते समय कैमरा एंगल्स कितनी जल्दी बदल जाते हैं? एक बल्लेबाज के एक शॉट से लेकर एक फील्डर को शॉट देने से कैच लेने तक! एक्टिंग के लिए (nack)नैक है? या कैमरे के पीछे कामकाज में दिलचस्पी है? पत्रकारिता और जनसंचार पाठ्यक्रम आपको असंख्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न दिलचस्प और विषयों से एक विषय को संकीर्ण करने की अनुमति देता है।

Film making and script writing can be pursued after Mass Communication
Film making and script writing can be pursued after Mass Communication

मास मीडिया माध्यम एजेंट’ है जिसके माध्यम से सूचना / संदेश प्रसारित किया जाता है। किसी व्यक्ति द्वारा किसी माध्यम (जनसंचार माध्यम) द्वारा सूचना को फैलाने / प्रसारित करने की पूरी प्रक्रिया, ताकि वह व्यापक दर्शकों तक पहुँचे, इसे जनसंचार(mass comm) कहा जाता है। और सिर्फ 12th के बाद ही नहीं अगर आपने graduation या PG भी कर लिया है उसके बाद भी कर सकते हैं।

जनसंचार एक बहुत विशाल क्षेत्र है। हालांकि इसका प्राथमिक फोकस मास मीडिया है, लेकिन यह इससे कहीं अधिक है!

जनसंचार की कुछ अन्य शाखाएँ हैं- विज्ञापन, जनसंपर्क (जनसंपर्क) और पत्रकारिता।

संदेश / सूचना का प्रसार विभिन्न प्रयोजनों के लिए किया जाता है। यह दर्शकों / आम जनता के लिए मनोरंजन, शिक्षित या सूचित करने वाला हो सकता है। कभी-कभी, यह विज्ञापन के उद्देश्य से भी किया जाता है!

एक जन संचार पाठ्यक्रम अध्ययन करता है कि कोई व्यक्ति / संगठन / संस्था कैसे सूचना का प्रसार कर सकती है और इसे आम जनता तक पहुंचा सकती है। यह मास मीडिया, सूचना प्रेषित होने और प्राप्तकर्ताओं पर इसके प्रभावों पर केंद्रित है।

पहले  मास मीडिया के रूप ज्यादातर print based, जैसे- समाचार पत्र, पत्रिकाएं और किताबें था । फिर रेडियो और टेलीविजन आया। इन नई आवक ने जन संचार के क्षेत्र में एक क्रांति ला दी। नवीनतम आगमन इंटरनेट है। इन दिनों, बड़ी मात्रा में जानकारी और समाचार इंटरनेट संस्थाओं के माध्यम से लोगों द्वारा उपभोग किए जाते हैं।

मास मीडिया के ये सभी रूप पत्रकारों के लिए समाचार / सूचना फैलाना आसान बनाते हैं। इसने जन संचार के विकास में बहुत योगदान दिया है। संक्षेप में, जनसंचार के क्षेत्र से जुड़े कई रोजगार के अवसर हैं, पत्रकारिता से लेकर तकनीकी नौकरियों तक।

मास कम्युनिकेशन पत्रकारिता(journalism), पीआर, विज्ञापन और मास मीडिया जैसी शाखाओं से बना है। यही मुख्य कारण है कि पत्रकारिता कई जन संचार कार्यक्रमों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वास्तव में, पत्रकारिता और जनसंचार एक बहुत प्रसिद्ध पाठ्यक्रम संयोजन है!

            मास कम्यूनिकेशन कोर्स छात्रों को विभिन्न जॉब प्रोफाइल के लिए तैयार करते हैं जो क्षेत्र में आते हैं। हाल के वर्षों में, मीडिया और जन संचार का क्षेत्र एक आंशिक रूप से इंटरैक्टिव अवधारणा में विकसित हुआ है जो मानव जीवन के लगभग हर पहलू को छूता है और प्रभावित करता है। मास कम्युनिकेशन हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है और हम अब इसके बिना नहीं रह  सकते।

It has become easier to reach the masses with digital media
It has become easier to reach the masses with digital media

मीडिया में career options :

electronic media:

1. news analyst

2. sound engineer

3. script writer

4. video editor

5. art director

6. producer

7. production controller

8. post production head

9. media marketing management consultant

10. Director, etc.

Print media:

1. news reporter

2. freelance writer

3. sports journalist

4. editor

5. sub editor

6. layout designer

7. photo journalist

8. cartoonist

9. illustrator

10. investigation journalist

11. digital marketing

12. social media marketing, etc.

Newspapers are a form of Print Media which provides good career opportunities
Newspapers are a form of Print Media which provides good career opportunities

इतने सारे skill set में से कही 2, 3 भी  सीख लिया तो बहुत अच्छा करियर बन सकता है । पैसा भी खूब कमायेंगे, नाम भी, साथ ही आप अपना बिज़नेस भी कर सकते है।

MASS COMMUNICATION COURSES IN INDIA:

भारत में 3 main formats है  mass communication के:-

डिग्री प्रोग्राम, डिप्लोमा प्रोग्राम और सर्टिफिकेट प्रोग्राम।

जब मूल्य (value)और उपयोगिता(usefulness) की बात आती है, तो डिग्री और डिप्लोमा पाठ्यक्रम सबसे अच्छे होते हैं।

1. BA in Mass Communication– 3 years long undergraduate degree program

2. BA in Journalism and Mass Communication– 3 years long undergraduate degree program

3. Bachelor of Mass Media and Journalism– 3 years long undergraduate degree program

4. Bachelor of Communication and Journalism– 3 years long undergraduate degree program

5. B.Sc. in Journalism and Mass Communication– 3 years long undergraduate science degree program

6. B.Sc. in Mass Communication, Journalism and Advertising– 3 years long undergraduate science degree program

7. BA in Media and Communication– 3 years long undergraduate degree program

8. BA in Media Studies– 3 years long undergraduate degree program

9. Bachelor of Mass Media– 3 years long undergraduate degree program

10. BBA in Mass Communication and Journalism– 3 years long undergraduate management degree program

11. Diploma in Mass Communication– 1 year long Diploma program

उपर्युक्त डिग्री और डिप्लोमा undergraduate level के है।

Electronic Media has increased career opportunities for Mass Comm Students
Electronic Media has increased career opportunities for Mass Comm Students

 

ELIGIBILITY CRITERIA:

किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10 + 2 उत्तीर्ण (कोई भी स्ट्रीम- साइंस / कॉमर्स / आर्ट्स) उपरोक्त जनसंचार पाठ्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक न्यूनतम योग्यता है। कुछ संस्थानों में न्यूनतम अंक मानदंड (10 + 2 विषयों में कम से कम 50% कुल अंक) पात्रता मानदंड में मौजूद हैं।

ADMISSION PROCESS:

अधिकांश संस्थान admission प्रत्यक्ष प्रवेश ’प्रक्रिया का पालन करते हैं। बोर्ड परीक्षा में (और कुछ मामलों में राज्यवार प्रवेश परीक्षा भी) उनके द्वारा प्राप्त अंकों के आधार पर पात्र उम्मीदवारों को सीटें आवंटित की जाती हैं। कुछ प्रतिष्ठित संस्थानों के मामले में, स्क्रीनिंग उम्मीदवारों के लिए उनकी अपनी प्रवेश परीक्षा / योग्यता परीक्षा होती है।

PG COURSES AND SPECIALIZATIONS:

Common PG courses available after graduation –

MA in Journalism and Mass Communication

M.Sc. in Journalism and Mass Communication

MA in Advertising and Mass Communication

MA in Mass Communication

Master of Mass Media

M.Sc. in Mass Communication

Master of Media Studies

यदि आपकी रूचि दिए गए छेत्रों में से किसी एक में है तो आप India के top 10 government Mass communication colleges की list check कर सकते हैं।

              -टेलीविजन और जनसंचार के बिना,  ज्ञान का वजूद नहीं रहेगा। इसलिए मुझे लगता है कि जनसंचार वास्तव में लोगों को अधिक समज़दार और अधिक सशक्त लोगों में बदलने की शक्ति रखता है।

– जॉन वार्नॉक

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