11/04/2021
Manage money wisely and stop struggling financially

5 Tips For Managing Money Wisely To Stop Struggling Financially

Read Time : 7 min


यदि आप आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे हैं, तो यह आपकी गलती नहीं है। यह सिर्फ इतना है कि आपको अधिक ज्ञान की आवश्यकता है आपने शायद कभी नहीं सीखा कि अपने धन का प्रबंधन (manage) बुद्धिमानी से कैसे करें, या अपने वित्त को कैसे व्यवस्थित रखें। फिर भी,  आप अपनी वित्तीय स्थिति के बारे में बात करने के बारे में बहुत सावधान रहें।

जैसे: क्या आप ऐसा कहेंगे “जैसे ही मैं फिट होऊंगा मैं व्यायाम करना शुरू कर दूंगा?” शायद ऩही। इसका कोई मतलब नहीं है। आप तब तक प्रतीक्षा नहीं करते जब तक आप फिट न हों और फिर व्यायाम करें। आप फिट बनने के लिए व्यायाम करते हैं।

आपके पैसे के साथ भी ऐसा ही है। यदि आपके पास अभी कोई पैसा है, तो आपके पास प्रबंधन (manage) करने के लिए कुछ है। इससे पहले कि आप पैसे का प्रबंधन करना सीखें, अधिक पैसा कमाने के लिए इंतजार न करें।


अभी अपने पैसे को manage करना शुरू करें:

 
तथ्य यह है कि आपके पास वर्तमान में manage  करने के लिए बहुत पैसा नहीं है। आप यह नहीं जानते कि इसे कैसे manage किया जाए। यदि आप गरीब हैं, तो आप शायद पैसे के प्रबंधन (manage) के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं। इंतजार करने से आपकी स्थिति और बदतर होगी। जब आप कमाते हैं, तब जानें और जब आप पैसा कमा रहे हों तो अपने पैसे का प्रबंधन करना सीखें। जब तक आपके पास धन प्रबंधन कौशल सीखने के लिए बहुत पैसा नहीं है, तब तक प्रतीक्षा करने की सामान्य गलती न करें। इस तरह, जैसे-जैसे आप पैसा कमा रहे हैं आप इसे manage करते रहे।

कल्पना करें कि आप प्रति माह 6,000 कमा रहे हैं और आप इसे manage नहीं कर सकते। क्या आप प्रति माह 10,000 या 20,000 का manage कर पाएंगे? शायद ऩही। यही कारण है कि आप पहले पैसे की छोटी रकम manage करना सीखना चाइये।

धन उन लोगों के लिए आता है जो अपने पैसे को multiply करना जानते हैं। यही कारण है कि अमीर अमीर हो जाते हैं। सफलता और धन का अवसरों के साथ कम, और आपके ज्ञान और कौशल के साथ अधिक सम्बन्ध है। अमीरों के पास अक्सर पैसा बढ़ाने और उचित निवेश करने का कौशल होता है।

यदि आप अभी पैसे के प्रबंधन (manage) से जूझ रहे हैं, तो आपने कभी इस कौशल को नहीं सीखा है। तो, नीचे 7 tips दी गई हैं कि कैसे अपने धन को बुद्धिमानी से manage करें और आर्थिक रूप से संघर्ष करना बंद करें।


1. Money management  के लिए राइट माइंडसेट मदद करता है:


अगर बात करें गंभीरता से, जब आप पैसे को manage कर रहे हों, तो आप अपनी वित्तीय स्थिति के बारे में किस तरह की मानसिकता रखते हैं? क्या यह आपको तनाव देता है? क्या पैसे का management आपको बोर करता है? क्या आप आम तौर पर अपने पैसे के प्रबंधन के बारे में नकारात्मक महसूस करते हैं? यह गलत मानसिकता है।

यदि आप अपने पैसे की कमी के बारे में बहुत अधिक सोचते हैं, तो मुझे लगता है कि “कमी में सोच” (“thinking in scarcity”)। आप मानते हैं कि आपके संसाधन सीमित हैं और आपके पास कभी पर्याप्त नहीं है। एक समझदार मानसिकता को अपनाना बहुतायत (abundance) की मानसिकता है। यदि आप बहुतायत (abundance) में रहते हैं तो आप जानते हैं कि सभी के लिए पर्याप्त होगा।

मैं आपको एक आदर्श उदाहरण देता हूं। यदि बिल गेट्स प्रति माह लाखों डॉलर कमाते हैं, तो क्या इसका मतलब है कि आप एक मिलियन डॉलर कम कमाते हैं? नहीं, यह नहीं है। आपकी आय अन्य लोगों की आय से संबंधित नहीं है। वे जितना अधिक बनाते हैं, उतना कम आप नहीं बनाते हैं। गलती से भी विश्वास न करें कि आप कितने पैसे कमा सकते हैं।

आपको जो चाहिए वह है सही मानसिकता, और अधिक पैसा बनाने और रखने का कौशल। एक बार जब आप पैसा बनाना, रखना और गुणा (multiply) करना सीख जाते हैं, तो आप जितना कमा सकते हैं, वह असीम है।


2. Managing Money is a Habit (धन का प्रबंधन एक आदत है):


जब आप अपने पैसे का प्रबंधन (Manage) करना सीखना चाहते हैं, तो वित्तीय (financial) व्यवस्था की आदत विकसित करना महत्वपूर्ण है। इसका क्या मतलब है? यहां तक ​​कि अगर आप केवल 1,000 प्रति माह बनाते हैं, तब भी आप इसे अच्छी तरह से प्रबंधित करने की नियमित आदत होनी चाइये।

खासतौर पर तब, जब आप अभी तक ज्यादा पैसा नहीं कमा रहे हैं, यह दो बार महत्वपूर्ण है कि आप आदत का निर्माण कर सकते हैं। यदि आपकी आय बढ़ती है और आपने पैसे का प्रबंधन करना नहीं सीखा है, तो आप अपने आप को गहरी परेशानी में डालेंगे।

अगर आपने बहुत से लोगों को क्रेडिट कार्ड ऋण या अन्य प्रकार के ऋण में देखा है, क्योंकि उन्होंने अपने पैसे को बुद्धिमानी से प्रबंधित करना कभी नहीं सीखा। उन्होंने गलतियां कीं और हर महीने क्रेडिट कार्ड के कर्ज और अन्य भुगतानों को पकड़ना पड़ा। जब बड़ी रकम जमा होती है, तो इससे बाहर निकलना कठिन और कठिन हो जाता है।

यदि आप 10,000 प्रति माह बनाते हैं और गलती करते हैं, तो आप शायद थोड़ा पैसा खो देते हैं। लेकिन आप इसे वापस कर सकते हैं। यदि आप 50,000 कमाते हैं और एक गलती करते हैं, हालांकि, आप अपने आप को गंभीर ऋण में डाल सकते हैं। यही कारण है कि आप जितनी जल्दी हो सके धन प्रबंधन की आदत का निर्माण शुरू करें।

यह केवल पैसा कमाने के लिए लागू नहीं होता है। पैसे का प्रबंधन एक आदत है जिसे आपको सही मानसिकता के साथ करना होगा।


3. पैसे खर्च करने का तरीका जानना (Knowing How to Spend Money):


ज्यादातर लोग सोचते हैं पैसे का केवल एक उपयोग है, इसे खर्च करना है। उन्हें लगता है कि उनके पैसे का ‘काम’ खर्च करना है। वास्तव में, पैसे में चार काम होते हैं: खर्च, बचत, निवेश और दान

इसलिए अपना पैसा खर्च करना आपके धन प्रबंधन का केवल एक हिस्सा है। ज्यादातर लोग बहुत ज्यादा खर्च करने की गलती करते हैं। वे अपने पास से अधिक पैसा खर्च करते हैं और गंभीर कर्ज में डूब जाते हैं।

फिर वे अपनी गलतियों से सीखने और मनी मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने की कोशिश करते हैं। ज्यादातर लोग अपने पैसे को खराब तरीके से प्रबंधित करते हैं क्योंकि वे अपने पैसे प्रबंधन प्रणाली को बहुत जटिल बनाते हैं।

पैसा खर्च करना महंगा है एक और कारण है कि आपका सारा पैसा खर्च करना एक समझदारी भरा फैसला नहीं है। इसके बारे में इस तरह से सोचें: आपके द्वारा खर्च किया जाने वाला प्रत्येक रुपया एक रुपया है जो चला गया। यदि आप उस रुपया का निवेश करेंगे, तो यह आपको अगले 20-30 वर्षों के लिए रिटर्न देगा। इसलिए, यदि आप एक अच्छा भोजन पर 2000 खर्च करते हैं – तो यह एक अर्थ में बहुत महंगा भोजन है, क्योंकि 2000 आपको निवेश के लिए उपयोग करने पर आपको भारी रिटर्न दे सकते हैं। पैसा खर्च करना महंगा है।


4) Make a Budget and stick to it! (एक बजट बनाएं और उस पर टिके रहें!)


हममें से अधिकतर लोग मासिक वेतन कमाते हैं और हर महीने के अंत में एक निश्चित राशि घर ले जाते हैं।  यानि की हमें अपनी आय का पहले से पूरा अनुमान होता है।  इसलिए ये बहुत आवश्यक है की हम अपने व्यय का भी पूरा अनुमान रखे जिससे की आय और व्यय में संतुलन बनाया जा सके।  करियर के शुरुआती दौर में  युवाओं के लिए इच्छा अनुसार खर्च करना आम बात है।  इन दिनों हम किसी बजट के हिसाब से नहीं अपितु अपनी जरुरत के हिसाब से या अपनी ख्वाहिशे  पूरी करने की लिए बिना हिसाब लगाए अपना वेतन खर्च करते जाते हैं।  लेकिन यदि ये आदत लम्बे समय तक चले तो घातक हो सकती है।  इसलिए जरुरी हैं की एक बार अनुमान लग जाने के बाद, अगले महीने से हम अपनी आवश्यक जरूरतों का एक बजट बनाएं और पूरे महीने अपने खर्चों को ट्रैक करें। 

बजट बनाना तभी फायदेमंद हैं जब इसका पालन किया जाये।  यदि आप एक अप्रत्याशित व्यय की उम्मीद कर रहे हैं तो आपको अपने बजट में इसके लिए भी कुछ जगह बनानी चाहिए। ऐसा करने से आपको सटीकता से पता रहेगा की आप अपनी आय का ज्यादा से ज्यादा कितना प्रतिशत खर्च करने वाले हैं।  यदि यह प्रतिशत आपको ज्यादा लग रहा हैं तो अपने बजट में से अनावश्यक चीज़ें हटाने की कोशिश करें।


सही बजट क्या होता है और इसे कैसे बनाएं ?


अब सवाल आता है की ये कैसे जानें की हम जो बजट बना रहे हैं वो हमारे लिए फायदेमंद है या नहीं ? यदि आप नया नया बजट बनाना शुरू कर रहे हैं तो आप इन चीज़ों को ध्यान में रख कर बजट बनाएं जिससे की आपको maximum फायदा हो। 

1 ) अपनी आय निर्धारित करें – करों(Tax) में कटौती करने के बाद हाथ में आने वाली आय का  रिकॉर्ड बनाएं। यदि आपके पास आय के कई स्रोत हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप उनमें से सभी को शामिल करते हैं। अगर आपकी आमदनी महीने-दर-महीने बदलती रहती है तो औसत लेना भी पर्याप्त होगा।

2 ) 50 /30 /20 rule का पालन करें – यदि आप पर बहुत ज़िम्मेदारियाँ नहीं हैं तो आपको इस rule का पालन करने से बजट में बहुत फायदा मिलेगा।  ये rule कहता है की आपको अपनी आय का 50 % अपनी आवश्यक जरूरतें जैसे की – घर का किराया, राशन , बिजली, पानी इत्यादि में लगाना चाहिए। इन चीज़ों  में 50 % से ज्यादा आय खर्च नहीं होनी चाहिए। आय का दूसरा भाग , 30 % आपको transportation, घूमना, बहार खाना , कपड़े या ऐसी अन्य चीज़ों पर लगाना चाहिए जो की अत्यंत आवश्यक तो नहीं हैं लेकिन आपकी life standard और life quality को बढाती हैं। तीसरा भाग जो की 20 % है, इसे आपको बचत में लगाना चाहिए।  यदि आप शादीशुदा हैं या आपके ऊपर ज्यादा जिम्मेदारियां हैं तो आप बचत के प्रतिशत’ को 30 % तक भी बढ़ा सकते हैं।  यदि आपके ऊपर कोई क़र्ज़ है या monthly EMI जाती हैं तो आप इस भाग में से उसे भी pay कर सकते हैं। 

3 ) यदि आपका बजट आपकी आय के ऊपर जा रहा है तो आपके पास दो रास्ते हैं – अपनी आय बढ़ाएं या अपना व्यय कम करें। (High Income Skills)


5) ऋण के लिए पात्र होने का मतलब यह नहीं है कि आपको इसे लेना ही है। 


यदि आपके पास हर महीने एक निश्चित राशि आती है तो यह मुश्किल नहीं की आपको लोन के offers आने लगें।  कमाई शुरू करने के 6 महीनो बाद से ही ऐसी calls और emails का ताता लग जाता है जो आपको आपकी उपलब्धियों की याद दिलाते  है। ये ऑफ़र आपको बहुत महत्वपूर्ण महसूस कराते हैं लेकिन याद रखें, सिर्फ इसलिए कि आप किसी चीज़ के लिए पात्र हैं इसका मतलब यह नहीं है कि आपको इसकी आवश्यकता है।

यदि आपके पास अभी कोई ख़ास ज़िम्मेदारियाँ नहीं  हैं तो कार लोन, बाइक लोन, लैपटॉप EMI, महंगे फ़ोन की EMI जैसी चीज़ें आसान लग सकती हैं, लेकिन यह आमतौर पर लंबे समय में अच्छा नहीं होता है। हमेशा याद रखें कि जब आप लोन लेते हैं या ईएमआई(EMI) में उत्पाद खरीदते हैं, तो लंबे समय में आप हमेशा उत्पाद की कीमत या लागत से अधिक भुगतान करते रहेंगे। ऐसा लग सकता है कि यह हर महीने एक छोटी राशि है, लेकिन अगर आप ईएमआई की थोड़ी गणना करते हैं, तो उस राशि को बचाने से या बुद्धिमानी से निवेश करने से आप कुछ समय में एक बेहतर उत्पाद खरीद सकते हैं, जिसकी आपको वास्तव में आवश्यकता है। ईएमआई या ऋण पर कुछ खरीदते समय, हमेशा अपने आप से पूछें कि क्या आपको वास्तव में उस उत्पाद की आवश्यकता है या आप इसे अपने सामाजिक सर्कल के बीच दिखाने के लिए खरीद रहे हैं?


आखिर में यह ध्यान रखें की कोई भी अच्छी आदत बिना अभ्यास के आपकी जीवन शैली में सम्मलित नहीं हो सकती।  यदि आप हमेशा से खर्चीले स्वभाव के रहे हैं तो शुरुआत में आपके लिए यह थोड़ा कठिन हो सकता हैं परन्तु हर महीने थोड़ा सुधार करने से आपकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन जरूर आएंगे।  Money management एक ऐसी स्किल है जो आपके जीवन भर काम आएगी और इसका फायदा न केवल आप बल्कि आपका परिवार भी उठाएगा। हमेशा याद रखे की पैसा ही पैसे की जननी है , यानि की पैसे से ही पैसा बनता हैं।  तो अपने ‘पैसे का इस्तेमाल सही तरीके से और समझदारी के साथ करें।


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